इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी को लेकर बने हालात अब धीरे-धीरे बेहतर होते नजर आ रहे हैं और पूरे मामले पर सरकार की लगातार नजर बनी हुई है। शुक्रवार को अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई और अनुपम राजन इंदौर पहुंचे, जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ हाईलेवल बैठक कर स्थिति की विस्तार से समीक्षा की।
इसके बाद शनिवार सुबह करीब 10 बजे दोनों अपर मुख्य सचिव इंदौर कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त के साथ भागीरथपुरा पहुंचे और मौके पर चल रहे विकास और सुधार कार्यों का निरीक्षण किया। अधिकारियों से मौजूदा हालात और आगे की कार्ययोजना को लेकर भी जानकारी ली गई।
अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने बताया कि अब हालात पहले से काफी बेहतर हैं। नर्मदा की नई लाइन डाली जा रही है और जल्द ही कुछ इलाकों में पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। जहां-जहां मुख्य पाइपलाइन में गंदा पानी मिल रहा था, वहां सुधार कार्य पूरा कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि मरीजों की संख्या में भी कमी आई है और अब क्लीनिकों में सामान्य दिनों की तरह मरीज पहुंच रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि भागीरथपुरा की स्थिति पर शासन की पूरी नजर है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भागीरथपुरा दूषित पानी मामले को लेकर रेसीडेंसी में जनप्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक भी हुई, जिसमें अपर मुख्य सचिव, संभाग आयुक्त, कलेक्टर, निगम आयुक्त, केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसी सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित सभी विधायक मौजूद रहे।

