भोपाल। इंदौर संभाग के धार जिले में स्थित भोजशाला में बसंत पंचमी उत्सव को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में व्यापक और पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और पूरे इलाके में चाक-चौबंद व्यवस्था लागू कर दी गई है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी प्रियंक मिश्र ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी स्थिति पर तुरंत नियंत्रण किया जा सके। पुलिस लगातार संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही है और फ्लैग मार्च के जरिए लोगों में विश्वास बनाए रखा जा रहा है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। प्रशासन ने साफ कहा है कि किसी भी हाल में कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि शांति भंग करने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। धार में शांति और साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत कई प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी किए गए हैं, जिनका पालन सभी नागरिकों के लिए अनिवार्य होगा।
बसंत पंचमी के दिन भोजशाला क्षेत्र के 300 मीटर के दायरे को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में ड्रोन, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून, यूएवी या किसी भी तरह की उड़ान गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
इसके साथ ही सार्वजनिक सड़कों और स्थलों पर भवन निर्माण सामग्री, मलबा, टायर और लावारिस गुमटियां रखने पर भी रोक लगाई गई है। नगर पालिका क्षेत्र धार में कोई भी व्यक्ति सड़क या सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की सामग्री नहीं रख सकेगा। आदेश का उल्लंघन होने पर नगर पालिका परिषद द्वारा सामग्री जब्त की जाएगी।
बसंत पंचमी आयोजन को लेकर प्रिंटिंग प्रेसों के लिए भी संयमित भाषा के उपयोग संबंधी आदेश जारी किए गए हैं। सभी प्रिंटिंग प्रेस मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि विज्ञापन, बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स और अन्य प्रचार सामग्री में मर्यादित भाषा का ही प्रयोग किया जाए। किसी भी धर्म या समुदाय के प्रति भड़काऊ या आपत्तिजनक सामग्री के प्रकाशन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
साथ ही किसी भी प्रचार सामग्री पर प्रिंटिंग प्रेस का नाम, स्थान और छपवाने वाले व्यक्ति का नाम अंकित करना अनिवार्य होगा। सामग्री छपने के बाद एक प्रति अनुविभागीय दण्डाधिकारी धार को सौंपकर रसीद लेना जरूरी होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी सामग्री में बदलाव या निरस्तीकरण के निर्देश दिए जाते हैं, तो उनका पालन अनिवार्य होगा। यह आदेश केवल वैवाहिक कार्यक्रमों की छपाई पर लागू नहीं होगा।

