मध्य प्रदेश में प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज, जनगणना पूरी होने तक नहीं बनेंगे नए जिले और तहसीलें

भोपाल। देशभर में 2026-2027 में होने वाली जनगणना के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर 31 दिसंबर 2025 की मध्यरात्रि से प्रदेश के सभी जिलों, तहसीलों, थानों और अन्य प्रशासनिक इकाइयों की सीमाएं आधिकारिक रूप से फ्रीज कर दी गई हैं।

इसका मतलब है कि अब जनगणना प्रक्रिया पूरी होने तक मध्य प्रदेश में कोई नया जिला नहीं बनेगा, नई तहसीलें नहीं बनाई जाएंगी और न ही किसी तरह के सीमा परिवर्तन की अनुमति मिलेगी।

यह कदम जनगणना की सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है ताकि आबादी की गणना मौजूदा प्रशासनिक इकाइयों के आधार पर सही ढंग से हो सके।

राज्य गृह विभाग ने सभी कलेक्टरों को जिला प्रमुख जनगणना अधिकारी नियुक्त किया है, जबकि संभागायुक्त संभागीय जनगणना अधिकारी होंगे।

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि निर्देश मिलते ही सीमाएं फ्रीज करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत इस कार्य में बाधा डालने या लापरवाही करने पर सख्त सजा का प्रावधान है, जिसमें तीन साल तक की जेल और जुर्माना शामिल है।

पहले राज्य प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग नए जिलों और तहसीलों के गठन पर विचार कर रहा था, लेकिन अब यह प्रक्रिया जनगणना पूरी होने के बाद ही आगे बढ़ सकेगी।

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