ग्वालियर। पति की मौत के बाद बहू द्वारा नाबालिग देवर से शादी करने और फिर सास-ससुर के खिलाफ केस दर्ज कराने का एक चौंकाने वाला मामला हाईकोर्ट पहुंचा है। इस मामले में युवक और उसके माता-पिता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बहू और संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
याचिका में कोर्ट को बताया गया कि रेखा का विवाह संजय के साथ 7 दिसंबर 2008 को हुआ था। 1 सितंबर 2013 को रेखा ने एक बेटे को जन्म दिया और उसी साल एक दुर्घटना में संजय की मौत हो गई। पति की मौत के बाद रेखा अपने मायके चली गई और वहीं रहने लगी।
मामले ने तब नया मोड़ लिया जब 3 मार्च 2017 को रेखा ने मुरैना के दिमनी थाना पहुंचकर अपने देवर कपिल जाटव को पति बताते हुए उसके माता-पिता के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज करा दिया। रेखा ने आरोप लगाया कि सास-ससुर और अन्य परिजनों ने दहेज के लिए उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।
सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि जब संजय और रेखा की शादी हुई थी, उस समय कपिल की उम्र मात्र 9 साल थी। रेखा ने दावा किया कि उसने 30 नवंबर 2015 को कपिल से विवाह किया, जबकि उस समय कपिल की उम्र सिर्फ 16 साल थी और वह नाबालिग था।
कोर्ट के सामने यह स्पष्ट हुआ कि नाबालिग से किया गया विवाह कानूनी रूप से मान्य नहीं है। इसके बावजूद पुलिस ने न सिर्फ मामला दर्ज किया बल्कि चालान भी पेश कर दिया। हाईकोर्ट ने गंभीरता को देखते हुए कपिल को रेखा का पति मानने से इनकार कर दिया और अब रजिस्ट्री को ट्रायल कोर्ट से पूरे मामले की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

