लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी मदरसों के वित्तीय लेनदेन की व्यापक जांच कराने का फैसला लिया है। इस कार्रवाई का मकसद विदेशी फंडिंग के संभावित स्रोतों का पता लगाना बताया जा रहा है। जांच सिर्फ संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि मदरसा संचालकों के निजी बैंक खातों की भी समीक्षा की जाएगी ताकि धन के आवागमन की पूरी कड़ी सामने आ सके।
सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान मदरसों के भवन निर्माण में खर्च की गई राशि और उसके वास्तविक स्रोतों की पड़ताल की जाएगी। एजेंसियां यह भी जांचेंगी कि कहीं किसी अवैध या संदिग्ध माध्यम से फंडिंग तो नहीं की गई। शासन ने सभी जिलाधिकारियों को जांच एजेंसियों को हर संभव सहयोग देने के निर्देश दिए हैं और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को खुफिया इकाइयों से इनपुट लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय को भेजने को कहा गया है।
बताया जा रहा है कि यह पूरी जांच एटीएस स्तर की विशेष टीम के जरिए कराई जाएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रदेश में करीब चार हजार मदरसों में विदेशी फंडिंग की आशंका जताई जा रही है। कुछ मामलों में यह भी सामने आया है कि कई मदरसों के पास आय का स्पष्ट स्रोत नहीं है, इसके बावजूद वे भव्य और आलीशान इमारतों में संचालित हो रहे हैं, जिसको लेकर अब शासन स्तर पर सख्त निगरानी शुरू की जा रही है।

