भोपाल। राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा ने 23 दिन तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद सोमवार सुबह आईसीयू में अंतिम सांस ली। डॉक्टरों ने बताया कि ब्रेन डेड होने के कारण उनकी मौत हुई।
डॉ. रश्मि वर्मा आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती थीं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी, लेकिन तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। बताया जा रहा है कि ड्यूटी के बाद घर जाकर उन्होंने एनेस्थीसिया का हाई डोज लिया था, जिसके बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई।
दिल रुकने की वजह से उनके मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंचा था और स्थिति लगातार नाजुक बनी रही। इलाज के दौरान हालत में कोई सुधार नहीं हो पाया और आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉ. रश्मि का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। इस दुखद घटना से एम्स भोपाल के चिकित्सा समुदाय में शोक की लहर फैल गई है और डॉक्टरों व स्टाफ ने इसे संस्थान के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

