लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार निवेश के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीन पर न नौकरी दिख रही है और न ही रोजगार। आंकड़े खुद बता रहे हैं कि प्रदेश में अपराध बढ़े हैं और महिलाओं के साथ सबसे ज्यादा घटनाएं यहीं हो रही हैं। उन्होंने बेरोजगारी, साइबर अपराध और कथित माफियातंत्र को लेकर भी सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि भूमाफिया से लेकर नकल माफिया तक को संरक्षण मिल रहा है।
शंकराचार्य से जुड़े मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सदियों की परंपरा में कभी शंकराचार्य पर आरोप नहीं लगे, लेकिन प्रयागराज के माघ मेले में उनका अपमान किया गया और गंगा स्नान से रोका गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिनके पास खुद योगी होने का प्रमाण नहीं है, वे शंकराचार्य से प्रमाण पत्र मांग रहे हैं। उन्होंने विधानसभा में मुख्यमंत्री की भाषा पर भी आपत्ति जताई और कहा कि शंकराचार्य ने खुद बता दिया कि ऐसी भाषा कौन लोग बोलते हैं।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्रियों को शंकराचार्य के सम्मान के लिए आवाज उठानी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने किसानों और युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अगर सरकार नहीं बदली तो हालात और खराब होंगे। उन्होंने बिजली दरों में बढ़ोतरी, मीटर गड़बड़ी और किसानों की बदहाली जैसे मुद्दों को भी उठाया।
एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि इससे वोट जोड़े नहीं जा रहे, बल्कि काटे जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर समाज को अपमानित कर रही है। बयानबाजी के जरिए अखिलेश यादव ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में इन मुद्दों को लेकर राजनीतिक लड़ाई और तेज होगी।

