लखनऊ. उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां ग्राम अलियाबाद, बिंदकी में तैनात शिक्षामित्र और बीएलओ अखिलेश कुमार सविता ने सरकारी प्राथमिक विद्यालय के एक कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि उन्होंने ‘एसआईआर-2026 जीवनमुक्ति’ शीर्षक से एक सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें अत्यधिक काम के दबाव और बेटी की शादी के लिए छुट्टी न मिलने को कारण बताया गया। महज दस दिन बाद उनकी बेटी की शादी थी, लेकिन अधिकारियों ने अवकाश नहीं दिया।
इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीएलओ पर चौबीसों घंटे काम का दबाव बनाया जा रहा है। पहले सही नाम हटाने के लिए फार्म 7 का दबाव था और अब फार्म 6 के जरिए कथित तौर पर नए नाम जोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि गलत काम करने के लिए कई बीएलओ का मन गवाही नहीं देता और इसी मानसिक तनाव में वे टूट जाते हैं।
अखिलेश यादव ने सभी बीएलओ से अपील की कि वे निराश न हों और आत्मघाती कदम न उठाएं, क्योंकि उनका जीवन उनके परिवार के लिए अनमोल है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है, जब सत्ता निरंकुश हो जाती है तो उसका पतन भी निश्चित होता है।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपाई स्वयं तो निर्मम और निर्दयी हैं ही, उन्होंने अधिकारियों को भी संवेदनहीन बना दिया है। बेटी की शादी का भावनात्मक महत्व क्या होता है, यह वही समझ सकता है जिसके अपने परिवार हों। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा और यह पाप सरकार को भारी पड़ेगा।

