लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बार फिर ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया को लेकर बड़ा बयान देते हुए सवाल खड़े किए हैं और बैलेट पेपर सिस्टम पर लौटने की मांग दोहराई है।
उन्होंने कहा कि जर्मनी जैसे देश में ईवीएम का इस्तेमाल असंवैधानिक माना गया है, जबकि भारत में ईवीएम, वीवीपैट और कई तकनीकी व्यवस्थाओं के बावजूद पारदर्शिता पर सवाल उठते रहते हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि बैलेट पेपर में वोटर को स्पष्ट दिखाई देता है कि उसने किसे वोट दिया, और “ठप्पा मारने से जनता का गुस्सा भी निकलता है, लेकिन बटन दबाने से वह संतोष नहीं मिलता।”
इसी दौरान उन्होंने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट से नाम काटने जैसी घटनाएं हो रही हैं और अगर पहले सख्त कार्रवाई होती तो किसी भी नागरिक का वोट नहीं कटता।
उन्होंने कहा कि वोट देना हर नागरिक का अधिकार है और चुनाव आयोग को इसे सुरक्षित करना चाहिए, लेकिन आरोप लगाया कि वोट काटने की साजिश हो रही है।
अंत में अखिलेश यादव ने जनता से अपील करते हुए कहा कि वे महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट हों और सरकार के खिलाफ आवाज उठाएं, साथ ही पीडीए के साथ जुड़ने का आह्वान भी किया।

