लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा फर्जी फॉर्म-7 के जरिए PDA यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के लोगों के वोट कटवाने की साजिश कर रही है, जबकि चुनाव आयोग आंखें बंद किए बैठा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि जिन नामों को फर्जी फॉर्म-7 के माध्यम से हटाने की कोशिश की जा रही है, उनमें ज्यादातर पिछड़े वर्ग, दलित और मुस्लिम समाज के लोग शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि यह पूरी प्रक्रिया सुनियोजित तरीके से की जा रही है ताकि PDA समाज को वोट के अधिकार से वंचित किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर चुनाव आयोग एआई के माध्यम से उस सूची को सार्वजनिक कर दे, जो कथित तौर पर भाजपा द्वारा वोट कटवाने के लिए दी गई है, तो सच्चाई सामने आ जाएगी। अखिलेश यादव ने मांग की कि सुनवाई केंद्र लोगों की पहुंच के भीतर बनाए जाएं और हर शिकायत को गंभीरता से सुना जाए।
पंचायत चुनाव को लेकर भी उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधा और कहा कि आरक्षण के नाम पर चुनाव टाले जा रहे हैं क्योंकि सरकार को डर है कि गांव-गांव में जनता उसके खिलाफ वोट देने को तैयार बैठी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न जनगणना करा रही है और न ही जाति आधारित गणना, जिससे सामाजिक न्याय की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि जिन लोगों के नाम काटने की कोशिश हो रही है, उनकी कहानी एक ही बिंदु पर जाकर जुड़ती है—जाति। उनका आरोप है कि यह सब वर्चस्ववादी मानसिकता के तहत किया जा रहा है और प्रशासनिक संरक्षण में फर्जी फॉर्म भरे जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर जिला प्रशासन से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेगी।
अंत में उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे सतर्क रहें, हर पीड़ित की मदद करें और यह सुनिश्चित करें कि एक भी वोट न कटने पाए, क्योंकि वोट ही लोकतंत्र की असली ताकत है।

