लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जगद्गुरु रामभद्राचार्य को लेकर तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि केवल कान छिदवाने और विशेष वस्त्र पहन लेने से कोई योगी नहीं बन जाता।
अखिलेश यादव ने रामभद्राचार्य से जुड़े पुराने 420 मामले को वापस लेने को अपनी भूल बताते हुए कहा कि उस समय सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले माहौल खराब करने की कोशिश की जा सकती है और सरकार विपक्ष का मनोबल गिराने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित विदेश दौरे पर भी उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विकास के मुद्दों पर आत्ममंथन जरूरी है।
शंकराचार्य प्रकरण का जिक्र करते हुए सपा मुखिया ने कहा कि सनातन परंपरा में कभी किसी शंकराचार्य को गंगा स्नान से नहीं रोका गया, लेकिन इस सरकार में ऐसा हुआ। उन्होंने इसे धार्मिक परंपराओं के खिलाफ बताया।
वहीं अदालत के आदेश के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश के आधार पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। दर्ज रिपोर्ट में गंभीर आरोप लगाए गए हैं और मामले की जांच जारी है।

