भोपाल। मध्य प्रदेश में लगातार हो रहे बस हादसों के बाद परिवहन विभाग ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। प्रदेश में चल रही सभी स्लीपर बसों की अब व्यापक जांच की जाएगी और सुरक्षा मानकों में बदलाव अनिवार्य कर दिए गए हैं।
परिवहन विभाग ने साफ निर्देश दिए हैं कि ड्राइवर के केबिन में लगी पार्टिशन डोर को हटाना होगा और स्लीपर बर्थ में लगे सभी स्लाइडर तत्काल निकाले जाएंगे। हर बस में कम से कम 10 किलो क्षमता का अग्निशामक यंत्र होना जरूरी होगा, जबकि चेसिस में एक्सटेंशन कर बनाई गई बस बॉडी को संचालन से बाहर किया जाएगा।
अब बसों के पंजीयन के समय पूरा लेआउट ड्राइंग देना भी अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही एक महीने के भीतर सभी स्लीपर बसों में फायर डिटेक्शन और फायर सप्रेशन सिस्टम लगाना जरूरी होगा।
परिवहन आयुक्त कार्यालय ने प्रदेशभर में स्लीपर बसों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत सभी आरटीओ को सात दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपनी होगी। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सरकार अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने के मूड में नजर आ रही है।

