सिंगरौली। मध्यप्रदेश के गांव और कस्बों में लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजार अब विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं, जहां छोटे व्यापारियों ने बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि ग्राम पंचायत स्तर पर ठेकेदारों के जरिए उनसे जबरन हफ्ता वसूली की जा रही है, जबकि सुविधा के नाम पर केवल शासकीय जमीन ही उपलब्ध कराई जा रही है और कोई विशेष व्यवस्था नहीं है।
सिंगरौली जिले के गन्नई गांव के सब्जी व्यापारी रामलाल ने बताया कि वे बड़ी मुश्किल से मजदूरी और सब्जी बेचकर अपना गुजारा करते हैं, लेकिन हाट बाजार में दुकान लगाने के बदले उनसे बैठकी के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं, उन्होंने कहा कि अगर वे 10 किलो टमाटर बेचते हैं तो मुश्किल से 50 रुपये मिलते हैं, लेकिन ठेकेदार 30 रुपये हफ्ता के रूप में ले जाता है, जिससे उनकी आमदनी पर सीधा असर पड़ रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि बाजार में न तो पक्की व्यवस्था है, न पानी और न ही छांव, वे खुले आसमान के नीचे घंटों बैठकर ग्राहकों का इंतजार करते हैं और फिर भी उनसे वसूली की जाती है, जिससे उनमें भारी आक्रोश है और उन्होंने विरोध प्रदर्शन भी शुरू कर दिया है।
हालांकि इस पूरे मामले पर अभी तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह मुद्दा अब तूल पकड़ता जा रहा है और छोटे व्यापारियों की परेशानी लगातार बढ़ती नजर आ रही है।

