मुंबई। मशहूर संगीतकार एआर रहमान के इंडस्ट्री में कथित सांप्रदायिक भेदभाव को लेकर दिए गए बयान पर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब इस मुद्दे पर भजन सम्राट अनूप जलोटा ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है और रहमान को एक विवादित सलाह देकर नई बहस छेड़ दी है। अनूप जलोटा ने कहा है कि अगर एआर रहमान को लगता है कि मुस्लिम होने की वजह से उन्हें फिल्मों में काम नहीं मिल रहा है, तो उन्हें दोबारा हिंदू बनकर देखना चाहिए, शायद तब उन्हें फिर से काम मिलने लगे।
IANS को दिए एक इंटरव्यू में अनूप जलोटा ने कहा कि वह एआर रहमान की बातों से बिल्कुल सहमत नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रहमान पहले हिंदू थे और बाद में उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाया, इसके बाद ही उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में खूब नाम और काम मिला। जलोटा के अनुसार अगर रहमान को सच में यह भरोसा है कि धर्म उनके करियर में बाधा बन रहा है, तो उन्हें धर्म परिवर्तन कर फिर से आजमाना चाहिए कि इंडस्ट्री का रवैया बदलता है या नहीं।
दरअसल, एआर रहमान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि बीते कुछ सालों में उन्हें अपेक्षाकृत कम काम मिल रहा है और इसके पीछे पावर शिफ्ट और कम्यूनल बायस जैसी वजहें हो सकती हैं। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक बहस छिड़ गई। विवाद बढ़ने पर एआर रहमान ने सफाई देते हुए कहा कि उनका किसी की भावनाओं को आहत करने का इरादा नहीं था और भारत उनके लिए प्रेरणा, गुरु और घर है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया।
गौरतलब है कि एआर रहमान का जन्म नाम दिलीप कुमार था और उन्होंने 23 वर्ष की उम्र में इस्लाम धर्म अपनाया था, जिसके बाद उनका नाम अल्लाह रक्खा रहमान पड़ा। इस पूरे विवाद में जहां कुछ लोग एआर रहमान के बयान का समर्थन कर रहे हैं, वहीं अनूप जलोटा की टिप्पणी ने इस मुद्दे को और ज्यादा गर्मा दिया है।

