म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान ने अपने हालिया इंटरव्यू को लेकर हो रही आलोचनाओं के बीच वीडियो संदेश जारी कर अपनी बात साफ की है। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को गलत तरीके से समझा गया और उनका उद्देश्य कभी भी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
वीडियो संदेश में एआर रहमान ने भारत के प्रति अपने प्रेम और समर्पण को दोहराते हुए कहा कि संगीत हमेशा उनके लिए देश की संस्कृति से जुड़ने, उसे सम्मान देने और एकता का संदेश देने का माध्यम रहा है। उन्होंने कहा कि भारत उनकी प्रेरणा है, उनका गुरु है और उनका घर है।
रहमान ने कहा कि कई बार इरादों को गलत समझ लिया जाता है, लेकिन उनका मकसद हमेशा संगीत के जरिए लोगों को जोड़ना, उन्हें ऊपर उठाना और समाज की सेवा करना रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वे कभी किसी को दुख नहीं पहुंचाना चाहते थे और उन्हें उम्मीद है कि लोग उनकी ईमानदारी को समझेंगे।
अपने संदेश में एआर रहमान ने भारत की विविधता को संगीत के जरिए सम्मान देने वाले अपने कई प्रोजेक्ट्स का जिक्र किया। उन्होंने WAVES समिट, रूह-ए-नूर, युवा नागा संगीतकारों के साथ सहयोग, स्ट्रिंग ऑर्केस्ट्रा का निर्माण, सनशाइन ऑर्केस्ट्रा को मेंटर करना, भारत का पहला मल्टीकल्चरल वर्चुअल बैंड सीक्रेट माउंटेन और हंस ज़िमर के साथ रामायण के म्यूजिक स्कोर पर किए गए काम का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय होने पर उन्हें गर्व है क्योंकि यह देश अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है और बहुसांस्कृतिक आवाज़ों का सम्मान करता है। एआर रहमान ने देश के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वे ऐसे संगीत के लिए प्रतिबद्ध हैं जो भारत के अतीत का सम्मान करता हो और भविष्य को जोड़ने का काम करे।
गौरतलब है कि यह विवाद बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू के बाद शुरू हुआ था, जिसमें बॉलीवुड में पावर डायनामिक्स और भेदभाव को लेकर उनके बयान पर सोशल मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। इसके बाद एआर रहमान को आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसके जवाब में उन्होंने यह वीडियो संदेश जारी कर अपनी मंशा स्पष्ट की है।

