लखनऊ. जैसे-जैसे 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज होती जा रही है। सभी दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं, लेकिन इसी बीच बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने बड़ा ऐलान कर सियासी गणित बदल दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले अनुभव बताते हैं कि गठबंधन से बसपा को फायदा नहीं बल्कि नुकसान हुआ है। अन्य दलों का वोट बसपा को ट्रांसफर नहीं होता, जबकि बसपा का वोट दूसरी पार्टियों को चला जाता है। इसलिए अब पार्टी ने तय किया है कि वह 2027 का चुनाव अकेले दम पर लड़ेगी।
मायावती ने दावा किया कि बसपा 403 की 403 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी और 2007 की तरह पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। उनका कहना है कि आत्मनिर्भर रणनीति ही पार्टी को मजबूत बनाएगी और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाएगी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले से आगामी चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। मायावती पहले भी कई बार संकेत दे चुकी थीं कि उनकी पार्टी किसी भी राज्य में गठबंधन की राजनीति से दूर रहेगी। अब उनके इस औपचारिक ऐलान ने साफ कर दिया है कि बसपा ‘एकला चलो रे’ की रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतरने जा रही है।

