जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर पहुंचे केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल की स्थिति को लेकर बड़ा और तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि बंगाल में बंगाली समाज ही सुरक्षित नहीं है, जबकि मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में बंगाली समाज पूरी तरह सुरक्षित है। जेपी नड्डा ने कहा कि देश का नेतृत्व करने वाला बंगाल आज गंभीर मुसीबत में है और अब वहां बदलाव की सख्त जरूरत है।
जेपी नड्डा ने कहा कि आने वाला अप्रैल बंगाल में बदलाव की मांग कर रहा है। उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि अब पूरे देश को बंगाल के साथ खड़े होने की जरूरत है। बंगाल की जनता बदलाव चाहती है और इस बदलाव के लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता है।
अपने संबोधन में जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के आंदोलन में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के नेतृत्व को उसका सही और सर्वोच्च स्थान दिया है। कर्तव्य पथ पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की भव्य प्रतिमा स्थापित कर प्रधानमंत्री मोदी ने उनके बलिदान और योगदान को हमेशा के लिए अमर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने बंगाली भाषा को क्लासिकल स्टेटस का दर्जा देकर बंगाली समाज को सम्मान दिया। इतना ही नहीं, दुर्गा पूजा को इंटेंजिबल कल्चर हेरिटेज के रूप में यूनेस्को से मान्यता दिलाने का काम भी प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से संभव हुआ। शांतिनिकेतन को वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा दिलाकर भी बंगाल की संस्कृति और विरासत को विश्व पटल पर पहचान दिलाई गई।
जेपी नड्डा ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू देश का विभाजन कर रहे थे, तब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसके विरोध में नेहरू कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने बंगाल और देश की अखंडता के लिए अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
अपने बयान के अंत में जेपी नड्डा ने दोहराया कि बंगाल आज बदलाव की दहलीज पर खड़ा है और अब समय आ गया है कि वहां शांति, सुरक्षा और विकास के लिए नई दिशा तय की जाए।

