लखनऊ. लखनऊ में भारतेन्दु नाट्य अकादमी के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित स्वर्ण जयंती नाट्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए, जहां उन्होंने अकादमी के भवन और दो प्रेक्षागृहों के जीर्णोद्धार कार्यों का लोकार्पण किया और रंगकर्मियों व कलाकारों को सम्मानित किया, साथ ही ‘रंगवेद’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नाट्य अकादमियों की जिम्मेदारी है कि वे वीरांगना रानी अवंतीबाई, ऊदा देवी, झलकारी बाई और महाराजा बिजली पासी जैसे महान नायकों पर लघु नाटक तैयार करें और उनका मंचन कर नई पीढ़ी को प्रेरित करें, ताकि बच्चों के सामने उनके असली नायक ‘हीरो’ के रूप में प्रस्तुत किए जा सकें।
उन्होंने कहा कि हमें अपने इतिहास के नायकों को पहचानना और उनका सम्मान करना होगा, उदाहरण देते हुए उन्होंने महाराजा सुहेलदेव का जिक्र किया, जिनके शौर्य और पराक्रम को अब व्यापक रूप से याद किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारत की संस्कृति और सनातन परंपरा को सहेजने में ऐसे नायकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और आज की पीढ़ी को उनसे जोड़ना बेहद जरूरी है, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से बहराइच में बनाए गए महाराजा सुहेलदेव स्मारक का भी उल्लेख किया।

