जबलपुर। सेंट्रल जीएसटी विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां रिश्वतखोरी के मामले में फंसे जीएसटी के पूर्व अधीक्षक सोमेन गोस्वामी को विभाग ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। इस फैसले को सिस्टम में भ्रष्टाचार पर कड़ा संदेश माना जा रहा है।
मामला साल 2023 का है, जब सीबीआई ने 25 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए सीजीएसटी के चार अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोप है कि राजस्थान के कारोबारी त्रिलोकचंद से पान मसाला फैक्ट्री की सील हटवाने के बदले 35 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
सीबीआई की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सोमेन गोस्वामी के पास उनकी ज्ञात आय से करीब 155 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाई गई है। इसके बाद उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया और विभागीय स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसके तहत अब उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई है।
इस पूरे रिश्वत कांड में पकड़े गए अन्य अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई की तैयारी है। सीबीआई ने उस समय तत्कालीन अधीक्षक सोमेन गोस्वामी के साथ सहायक अधीक्षक कपिल कांबले, इंस्पेक्टर प्रदीप हजारी, विकास गुप्ता और वीरेंद्र जैन को गिरफ्तार किया था। अब माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी कड़े फैसले सामने आ सकते हैं, जिससे सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की कोशिश तेज होगी।

