बिहार चुनाव 2025 जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, सियासी बयानबाज़ी के साथ अब भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री भी इस जंग का हिस्सा बन चुकी है। गोरखपुर से बीजेपी सांसद और अभिनेता रवि किशन ने छपरा से आरजेडी प्रत्याशी और मशहूर अभिनेता खेसारी लाल यादव पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने भोजपुरी सिनेमा को “बेच दिया” — और आज इसका नतीजा सबके सामने है।
रवि किशन ने तीखे लहजे में कहा — “भोजपुरी सिनेमा में सनातन का नाम लेकर सब कुछ किया, कमाया, खाया… लेकिन अब देखिए, इंडस्ट्री का क्या हाल हो गया है। हमने मेहनत से इसे राष्ट्रीय पहचान दिलाई, राष्ट्रीय पुरस्कार तक पहुंचाया… और जिनके हाथों में इसे सौंपा गया, उन्होंने इसे डुबो दिया। संसद तक में हमने भोजपुरी के लिए आवाज़ उठाई, लेकिन इन लोगों ने इंडस्ट्री को बेच दिया।”
उन्होंने आगे सवाल दागा — “भोजपुरी इंडस्ट्री बंद क्यों हो गई? वहां अब फिल्में क्यों नहीं चल रहीं? जो सिनेमाघर कभी हमारी फिल्मों से हाउसफुल रहते थे, आज वहां एक भी दर्शक नहीं है। ये हालत किसने की? किसने इस भाषा और कला को बदनाम किया? जनता को अब इनसे जवाब मांगना चाहिए।”
रवि किशन का यह बयान न केवल सियासी बहस को गरमाता दिख रहा है, बल्कि भोजपुरी इंडस्ट्री के भीतर भी नई हलचल पैदा कर रहा है। एक तरफ जहां भोजपुरी सिनेमा ने लाखों दिलों में अपनी पहचान बनाई थी, वहीं अब यह सवाल उठ रहा है — क्या सच में इंडस्ट्री अपने सुनहरे दौर से दूर जा रही है, और अगर हां, तो इसके जिम्मेदार कौन हैं?

