बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच रोहतास जिले के दिनारा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के संसदीय बोर्ड अध्यक्ष और संभावित उम्मीदवार आलोक सिंह पर बिना प्रशासनिक अनुमति के जुलूस निकालने का आरोप लगा है, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को आलोक सिंह अपने समर्थकों के साथ दिनारा के भालुनी धाम पहुंचे और इलाके में जुलूस निकाला। आरोप है कि यह पूरी गतिविधि बिना किसी अनुमति के आयोजित की गई, जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। जैसे ही प्रशासन को यह जानकारी मिली, दिनारा के अंचल अधिकारी अजहरुद्दीन ने तुरंत संज्ञान लिया और थाने में एफआईआर दर्ज करवाई। प्रशासन ने साफ कर दिया कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। देखा जा रहा है कि इस जुलूस में कितने लोग शामिल थे, इसे किसने आयोजित किया और क्या इसका राजनीतिक लाभ लेना उद्देश्य था। अधिकारियों ने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है, चाहे वह किसी भी पार्टी से जुड़ा हो। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसे उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई होगी।
इस घटना ने दिनारा की राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। आलोक सिंह को RLM का संभावित उम्मीदवार माना जा रहा है, ऐसे में एफआईआर दर्ज होना चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। विपक्षी दलों ने इसे मुद्दा बनाकर चुनाव आयोग से कड़ी निगरानी की मांग की है। आलोक सिंह या उनकी पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

