पटना। बिहार विधानसभा चुनाव का माहौल अब और भी गर्म हो गया है। पटना के होटल मौर्या में आज महागठबंधन ने अपना साझा चुनावी घोषणा पत्र जारी किया — जिसका नाम रखा गया है “तेजस्वी प्रण पत्र”।
इस मौके पर राजद, कांग्रेस और सभी सहयोगी दलों के नेता मौजूद थे। तेजस्वी यादव ने इसे जनता से किया गया वादा नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी बताया।
तेजस्वी ने कहा — “हम झूठे या टूटे वादे नहीं करते। जो कहते हैं, वही करते हैं। बिहार की जनता ने हम पर भरोसा किया है, और हम उस भरोसे पर खरे उतरेंगे।”
इस घोषणा पत्र में कई बड़ी बातें सामने आई हैं —
हर घर सरकारी नौकरी,
200 यूनिट मुफ्त बिजली,
और माई बहिन योजना जैसी योजनाएं इसमें शामिल हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में रोजगार और उद्योगों के लिए ठोस योजना तैयार की गई है।
आईटी पार्क, स्पेशल इकोनॉमिक जोन, डेयरी और फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, स्वास्थ्य सेवा, ग्रीन एनर्जी और पर्यटन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कौशल आधारित रोजगार देने का वादा किया गया है।
महागठबंधन ने ये भी कहा कि संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को स्थायी किया जाएगा,
जीविका दीदियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा और उनका वेतन 30 हज़ार रुपये प्रतिमाह होगा।
साथ ही, उनके लोन पर ब्याज माफ करने का भी वादा किया गया है।
तेजस्वी ने कहा —
“जिस परिवार के पास सरकारी नौकरी नहीं है, उसे हम नौकरी देंगे।
यह सिर्फ वादा नहीं, संकल्प है। और इसमें किसी को शक नहीं होना चाहिए।”
उन्होंने एनडीए पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके पास न विज़न है, न सीएम फेस।
“हमने अपना चेहरा, अपना मेनिफेस्टो और अपनी दिशा जनता के सामने रख दी है, लेकिन एनडीए अभी तक कन्फ्यूज है। भाजपा के लोग नीतीश कुमार का इस्तेमाल कर रहे हैं, पर चुनाव के बाद उन्हें किनारे कर देंगे। अमित शाह खुद कह चुके हैं कि नीतीश दोबारा मुख्यमंत्री नहीं बनने वाले।”
तेजस्वी ने चुनाव अधिकारियों से भी अपील की कि वे ईमानदारी से चुनाव कराएं, और किसी भी तरह की स्लो पोलिंग या पक्षपात से बचें।
सीपीआई माले के दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि यह मेनिफेस्टो सिर्फ वादों का नहीं, हर तबके की उम्मीदों का दस्तावेज़ है।
इसमें पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने और दिव्यांगों के लिए अलग पेंशन योजना लाने का वादा किया गया है।
इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के आई.पी. गुप्ता ने कहा कि सरकार बनने के 20 दिन के भीतर इन वादों पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
महागठबंधन ने घोषणा की कि भूमिहीनों को 5 डिसिमल जमीन दी जाएगी,
और बिहार को नंबर वन राज्य बनाने के लिए हर वादा “दिल से लिया गया प्रण” है।
तेजस्वी यादव की बात साफ है — अब बिहार में सिर्फ चुनाव नहीं, एक नया अध्याय लिखा जाएगा… विकास, रोजगार और भरोसे का अध्याय।

