भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह की 95वीं जयंती पर आज प्रदेश में श्रद्धा और सम्मान का माहौल देखने को मिला। बुधवार की सुबह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विधानसभा भवन पहुंचे, जहाँ उन्होंने अर्जुन सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी, अर्जुन सिंह के बेटे और विधायक अजय सिंह राहुल, उनके परिजन, जनप्रतिनिधि और विधानसभा के कई अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्वर्गीय अर्जुन सिंह मध्यप्रदेश के विकास और जनहित के प्रति समर्पित नेता थे। उन्होंने कहा कि अर्जुन सिंह ने अपने कार्यकाल में अनेक दूरदर्शी फैसले लिए, जिन्होंने प्रदेश की दिशा और दशा बदल दी। 1980 के दशक में वे मध्यप्रदेश की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक थे। तीन बार मुख्यमंत्री और पंजाब के राज्यपाल के रूप में उन्होंने अपनी छाप छोड़ी। साथ ही केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के रूप में उन्होंने देश के विकास में भी अहम भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्जुन सिंह हमेशा गरीबों, किसानों और वंचित वर्गों के हक की आवाज बने रहे। वे समाज के हर तबके के कल्याण के लिए संघर्षरत रहे। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी ऐतिहासिक योगदान दिया। भारत सरकार की ओर से उज्जैन में सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान की स्थापना उनके ही प्रयासों का परिणाम थी। वेद अध्ययन को प्रोत्साहन देने और परंपरागत ज्ञान को संरक्षित करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि अर्जुन सिंह जैसे नेता सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। उनकी सोच, उनका समर्पण और उनकी नीतियाँ आज भी जनसेवा का मार्ग दिखाती हैं। उन्होंने कहा — “अर्जुन सिंह जी ने जो काम समाज और शिक्षा के लिए किए, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल हैं। उनकी 95वीं जयंती पर हम सब उनका पुण्य स्मरण करते हैं और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराते हैं।”

