ग्वालियर। ग्वालियर शहर में उफनते सीवर, गंदा और बदबूदार पानी, जर्जर सड़कों और बिगड़ी सफाई व्यवस्था के खिलाफ बीजेपी पार्षद बृजेश श्रीवास का अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। फूलबाग स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद पार्षद ने जल विहार स्थित महापौर कार्यालय तक दंडवत यात्रा निकाली और नगर सरकार का ध्यान शहर की गंभीर समस्याओं की ओर खींचने की कोशिश की। ग्वालियर में नगर निगम कांग्रेस के नियंत्रण में है, ऐसे में महापौर शोभा सिकरवार ने इस दंडवत यात्रा को नौटंकी करार देते हुए कहा कि यह सिर्फ मीडिया में बने रहने का तरीका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इंदौर में बीजेपी का महापौर है, वहां अधिकारियों ने उनकी नहीं सुनी, तो ग्वालियर में कांग्रेस की महापौर होने के नाते उनकी कौन सुनेगा।
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद जहां सरकार सख्त कार्रवाई की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में गंदे पानी की समस्या को लेकर आवाज उठा रहे हैं। इसी कड़ी में ग्वालियर में बीजेपी पार्षद बृजेश श्रीवास ने दंडवत यात्रा निकालकर शहर की बदहाल स्थिति को उजागर किया। पार्षद का आरोप है कि पूरे ग्वालियर में लोग गंदे और बदबूदार पानी से परेशान हैं, नलों से साफ पानी नहीं आ रहा और बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
पार्षद का कहना है कि वह लगातार इन समस्याओं को उठा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ। शहर की सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं, सफाई व्यवस्था चौपट पड़ी है और नगर निगम में शिकायतों की कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि महापौर को जनता की परेशानियों की कोई चिंता नहीं है, इसलिए उन्हें मजबूरन दंडवत यात्रा निकालनी पड़ी। ग्वालियर की जनता परेशान है, लेकिन परिषद में भी उनकी आवाज नहीं सुनी जा रही।
वहीं इस प्रदर्शन पर महापौर शोभा सिकरवार ने पलटवार करते हुए कहा कि इंदौर की घटना में अधिकारी दोषी हैं और वहां बीजेपी का महापौर होने के बावजूद हालात खराब हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी पार्षद और उनकी पार्टी दोहरी नीति अपना रही है। महापौर का कहना है कि जनता की समस्याओं को दूर करने का काम चल रहा है और विकास एक दिन में नहीं, धीरे-धीरे होता है। इस दौरान पार्षद बृजेश श्रीवास के साथ क्षेत्र की जनता भी हाथों में महापौर और नगर निगम के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन में शामिल नजर आई।

