लखनऊ. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश कर दिया है और बजट आते ही सियासी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार और बजट पर तीखा हमला बोला है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपाई बजट का नतीजा सामने आते ही शेयर बाजार धड़ाम हो गया और इससे साफ है कि सरकार की नीतियों पर लोगों का भरोसा कमजोर होता जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सवाल यह नहीं है कि शेयर बाजार कब खुलेगा, असली सवाल यह है कि आगे और कितना गिरेगा।
उन्होंने आगे कहा कि जब भाजपा सरकार से ही कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से उम्मीद कैसे की जा सकती है। हम तो भाजपा के हर बजट को एक बंटे बीस का बजट मानते हैं, क्योंकि यह सिर्फ पांच प्रतिशत लोगों के लिए बनाया जाता है। यह बजट आम लोगों के लिए नहीं, बल्कि अपने कमीशन और अपने लोगों को सेट करने का बजट होता है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा का बजट, भाजपाई भ्रष्टाचार की अदृश्य खाता-बही जैसा है, जिसमें न आम जनता का जिक्र है और न ही उनकी फिक्र। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके बावजूद जनता को टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई, जो सीधा टैक्स-शोषण है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमीरों के कारोबार और घूमने-फिरने पर कई तरह की छूटें दी गई हैं, लेकिन बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं और आम लोगों की उम्मीदों की थाली खाली ही रह गई है। अखिलेश यादव ने बजट को निराशाजनक और निंदनीय बताया है।

