दतिया। गोराघाट में 6 फरवरी को सिंध नदी किनारे मिले एक शव ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। शुरुआत में यह मामला पूरी तरह रहस्यमय लग रहा था, लेकिन पुलिस जांच ने जो सच सामने लाया, उसने हर किसी को दहला दिया। मृतक की पहचान ग्वालियर निवासी हंसराज के रूप में हुई और खुलासा हुआ कि उसकी हत्या प्रेम प्रसंग के चलते की गई थी।
जांच में सामने आया कि हंसराज वर्मा की पत्नी का उसके ही चचेरे भाई हेमंत के साथ प्रेम संबंध चल रहा था। जब हंसराज को इस रिश्ते की भनक लगी तो उसने दोनों के मिलने-जुलने पर रोक लगा दी। यही बात दोनों को नागवार गुजरी और फिर एक खौफनाक साजिश रची गई।
पत्नी और हेमंत ने मिलकर हंसराज को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उन्होंने अपने एक दोस्त अनिल खटीक को भी इस साजिश में शामिल किया। तीनों ने हंसराज के साथ बैठकर शराब पी और फिर उसे सिंध नदी किनारे ले गए। वहां गला घोंटकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई और शव को वहीं छोड़ दिया गया।
जब नदी किनारे लाश मिली तो पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान और मौत की असली वजह जानना था। कड़ी मेहनत और जांच के बाद ग्वालियर से हंसराज नाम के युवक के लापता होने की जानकारी मिली। फोटो के आधार पर पहचान की पुष्टि हुई और परिजनों ने भी शव की शिनाख्त कर दी।
गोराघाट पुलिस ने मामले की गुत्थी सुलझाते हुए पत्नी, चचेरे भाई और उनके साथी को गिरफ्तार कर लिया है। एक पति, जिसे अपनी ही पत्नी से विश्वासघात मिला, उसकी कहानी अब एक दर्दनाक हत्या की दास्तान बन चुकी है।

