ग्वालियर। डॉ. भीमराव अंबेडकर के कथित चित्र जलाने के मामले में हाईकोर्ट की स्पेशल डबल बेंच में अहम सुनवाई हुई, जहां कोर्ट ने पूरे मामले की केस डायरी तलब करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है, वहीं शासन की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई है। इस प्रकरण में अब अगली सुनवाई रविवार को फिर से स्पेशल बेंच में होगी।
सुनवाई के दौरान एडवोकेट अनिल मिश्रा की ओर से पैरवी करते हुए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन पाठक ने दलील दी कि पुलिस ने विधिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया, पहले गिरफ्तारी की गई और बाद में एफआईआर दर्ज की गई, साथ ही परिवार को भी समय पर सूचना नहीं दी गई। उन्होंने कोर्ट को बताया कि एट्रोसिटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में नोटिस देकर छोड़ने का प्रावधान है, इसके बावजूद ग्वालियर पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना करते हुए नोटिस जारी किए बिना ही कार्रवाई की।
उल्लेखनीय है कि एडवोकेट अनिल मिश्रा समेत सात लोगों पर डॉ. भीमराव अंबेडकर के कथित चित्र को जलाने और अपमानजनक नारे लगाने के आरोप हैं, जिनके खिलाफ साइबर सेल थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जिला न्यायालय की जेएमएफसी मधुलिका खत्री की अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया था।
गुरुवार को पुलिस ने एडवोकेट अनिल मिश्रा, अमित दुबे, मोहित ऋषीश्वर और गौरव व्यास को गिरफ्तार किया था, जबकि कुलदीप कांकोरिया, अमित भदौरिया और ध्यानेन्द्र शर्मा अब भी फरार बताए जा रहे हैं।

