बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां कोलकाता सीबीआई ने सेंधवा शहर के व्यापारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर बनाने के नाम पर नाबार्ड से 13 करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन लिया गया, लेकिन इस रकम का इस्तेमाल तय प्रोजेक्ट में नहीं किया गया। जांच में सामने आया है कि लोन की राशि को योजनाबद्ध तरीके से दूसरी कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। सीबीआई ने इस मामले में अर्पित तायल, अंकुश तायल, निकुंज तायल और अशोक तायल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। अब एजेंसी पूरे लेनदेन की कड़ियां खंगाल रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी फंड का यह पैसा कहां और कैसे इस्तेमाल किया गया।

