नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में उत्तर प्रदेश की झांकी ने सबका ध्यान खींचा। इस झांकी में बुंदेलखंड की प्राचीन विरासत और आधुनिक उत्तर प्रदेश का शानदार संगम दिखा। झांकी में कालिंजर किले की प्रसिद्ध मूर्तियों में से एकमुखी शिवलिंग को प्रमुखता से दर्शाया गया। इसके साथ ही राज्य की समृद्ध शिल्प कला का भी बखान हुआ।
कालिंजर किले से प्रेरित वास्तुकला के मुखौटे के अंदर एक्सप्रेसवे, औद्योगिक विकास और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का जीवंत चित्रण था, जो नए युग के निर्माण कार्यों को दर्शाता है। झांकी के साथ चलते पारंपरिक बुंदेली लोक नर्तक रंग-बिरंगे परिधानों में अपने जोरदार प्रदर्शन से पूरे दृश्य को जीवंत बना रहे थे।
झांकी में मिट्टी के बर्तन, मनके का काम और स्थानीय हाट को भी प्रदर्शित किया गया, जो वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत आते हैं। इस झांकी ने राज्य की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिकता के साथ जोड़ा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस झांकी को ‘कर्तव्य पथ’ पर अध्यात्म और सनातन संस्कृति का जयघोष बताते हुए खुशी जताई। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर झांकी का वीडियो साझा किया और शिव तांडव स्तोत्र के श्लोक के साथ इसे खास सम्मान दिया।
इस झांकी ने साबित कर दिया कि कैसे परंपरा और आधुनिकता का मेल एक नए भारत की तस्वीर उकेर रहा है।

