जबलपुर। सीजीएसटी अधिकारियों द्वारा रिश्वत लेने के मामले में आरोपी अधिकारी जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे हैं। इससे पहले निचली अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अब हाईकोर्ट इस मामले में 12 जनवरी को सुनवाई करेगा। सुनवाई से पहले हाईकोर्ट ने सीबीआई को पूरे मामले की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला उस वक्त सामने आया था जब सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए सेंट्रल जीएसटी के असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा और इंस्पेक्टर सचिन खरे को चार लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने एक होटल कारोबारी को एक करोड़ रुपये की जीएसटी रिकवरी का नोटिस जारी कर मामले को निपटाने के बदले 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
होटल कारोबारी ने रिश्वत की मांग से परेशान होकर सीबीआई से शिकायत की थी, जिसके बाद यह ट्रैप कार्रवाई की गई। मामले में तीसरा आरोपी सीजीएसटी कार्यालय का अधीक्षक मुकेश बर्मन अभी भी फरार बताया जा रहा है। अब सभी की निगाहें 12 जनवरी को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि आरोपियों को जमानत मिलेगी या नहीं।

