Chandra Grahan 2026: फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण, शाजापुर के मंदिरों के पट बंद, पंडित गिरजेश चतुर्वेदी की अहम सलाह

शाजापुर। देशभर में साल का पहला चंद्रग्रहण आज सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो चुका है और इसका असर मध्यप्रदेश के शाजापुर में भी साफ दिखाई दिया। ग्रहण लगते ही शहर के सभी मंदिरों के पट बंद कर दिए गए। सुबह से ही श्रद्धालुओं में ग्रहण को लेकर खासा उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखा गया।

ज्योतिषाचार्य पंडित गिरजेश चतुर्वेदी के अनुसार सूतक काल करीब साढ़े बारह घंटे तक प्रभावी रहेगा। यह सुबह 6:20 बजे से शुरू होकर ग्रहण मोक्ष के बाद शाम 6:47 बजे समाप्त होगा। इसके बाद मंदिरों के पट विधि-विधान के साथ दोबारा खोले जाएंगे और शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

इस बार यह पूर्ण चंद्रग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा के दिन पड़ा है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है। मान्यता है कि पूर्णिमा और ग्रहण का संयोग विशेष आध्यात्मिक प्रभाव डालता है, इसलिए लोग इस दौरान जप, तप और ध्यान में अधिक समय दे रहे हैं।

ग्रहण काल के दौरान भगवान की मूर्तियों को स्पर्श न करने की सलाह दी गई है। साथ ही तुलसी, पीपल और बरगद जैसे पवित्र पौधों को भी न छूने की हिदायत दी गई है। पंडितों ने कहा है कि इस समय झगड़े-विवाद से दूर रहें, नुकीली वस्तुओं का उपयोग न करें और संयम बनाए रखें।

विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। उन्हें घर के अंदर रहने, तेज धार वाली वस्तुओं से दूर रहने और धार्मिक मंत्रों का स्मरण करने की बात कही गई है।

फाल्गुन पूर्णिमा पर पड़े इस चंद्रग्रहण ने धार्मिक आस्था को और प्रगाढ़ कर दिया है, और अब सभी की नजरें शाम 6:47 बजे ग्रहण मोक्ष के समय पर टिकी हुई हैं, जब मंदिरों में फिर से घंटियां गूंजेंगी और पूजा-अर्चना का क्रम शुरू होगा।

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