इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन में उस समय माहौल गर्मा गया, जब “वंदे मातरम” के मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी पार्षद आमने-सामने आ गए।
विवाद उस वक्त और बढ़ गया जब कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान के एक बयान पर बीजेपी पार्षदों ने कड़ा विरोध जताया और पूरे सदन में “वंदे मातरम” के नारे गूंजने लगे।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि सभापति को हस्तक्षेप करना पड़ा और कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम को एक दिन के लिए सदन से बाहर कर दिया गया।
इस दौरान कांग्रेस पार्षदों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि संविधान के अनुसार राष्ट्रगीत गाने के लिए बाध्यता नहीं है, जबकि बीजेपी पार्षदों ने इसे राष्ट्रभावना से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कड़ा विरोध किया।
विवाद यहीं नहीं थमा, बल्कि “गद्दार” शब्द को लेकर भी सदन में एक और टकराव देखने को मिला, जिस पर बीजेपी पार्षदों ने नाराजगी जताते हुए माफी की मांग की और धरने पर बैठ गए।
काफी देर तक चले हंगामे के बाद भी माहौल शांत नहीं हो सका और बजट बैठक, जो विकास के मुद्दों पर केंद्रित होनी थी, वह सियासी टकराव और आरोप-प्रत्यारोप का अखाड़ा बन गई।

