डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर सम्मान समारोह में CM डॉ. मोहन यादव का बड़ा ऐलान

भोपाल। डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर सम्मान समारोह और शोध संगोष्ठी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस तरह के आयोजन अपने आप में विशेष होते हैं और आज का कार्यक्रम विद्वानों की उपस्थिति से और भी गौरवशाली बन गया है। उन्होंने कहा कि उनका भी वाकणकर जी से आत्मीय संबंध रहा है और कला, संस्कृति, मूर्तिकला, चित्रकला, पुरातत्व और संस्कृत के क्षेत्र में उज्जैन से जुड़ा उनका योगदान अद्भुत रहा है। वाकणकर जी ने मालवा के गांव-गांव में पुरातत्व के प्रति जागरूकता जगाई और इतिहास को जीवंत कर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाकणकर जी के बारे में बात करते हुए ऐसा लगता है जैसे इतिहास सामने खड़ा हो गया हो। उन्होंने सरस्वती नदी को मिथक नहीं बल्कि वास्तविक नदी बताते हुए उसके प्रमाणों और 4000 से अधिक चित्रों की खोज का उल्लेख किया। आपातकाल के दौर में इंदिरा गांधी द्वारा उन्हें पद्मश्री दिए जाने को उन्होंने गर्व की बात बताया। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि रातापानी वन अभ्यारण अब डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम से जाना जाएगा और वन विभाग में भी उनके कार्यों को उनके नाम से पहचाना जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार उनके नाम से गौरवान्वित है।

मुख्यमंत्री ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि हजार साल पहले मोहम्मद गजनवी द्वारा हमारे आराध्यों और इतिहास को नुकसान पहुंचाया गया, वह एक काला अध्याय था। तमाम प्रयासों के बावजूद उस समय हम अपने मंदिरों को नहीं बचा पाए, लेकिन आज सौभाग्य है कि सोमनाथ मंदिर पर फिर से ध्वज लहरा रहा है। मिटाने वाले मिट गए, लेकिन हमारी संस्कृति आज भी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 14 जनवरी से महाकाल उत्सव मनाया जाएगा।

पश्चिम बंगाल में ईडी की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध पर डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री को ईडी और केंद्रीय एजेंसियों के साथ सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति अगर इस तरह की हल्की हरकत करता है तो यह उचित नहीं है और एक मुख्यमंत्री के तौर पर ऐसा आचरण सही नहीं माना जा सकता।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा बच्चन के सड़क दुर्घटना में निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह बेहद पीड़ादायक घटना है और इस दुख की घड़ी में वे बाला बच्चन के साथ खड़े हैं तथा व्यक्तिगत रूप से उनसे बात करेंगे।

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