भोपाल। श्री रामचंद्र पथ गमन न्यास के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जबलपुर में आयोजित विश्व रामायण सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जहां वे प्रदेश के युवाओं से रामायण और रामचरित मानस के उच्च आदर्शों के संवाहक बनने की प्रेरक अपील करेंगे और जीवन में मर्यादा, सेवा और संस्कारों को अपनाने का संदेश देंगे।
मुख्यमंत्री अपने संबोधन में बताएंगे कि किस तरह मध्य प्रदेश धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां 14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन एक बड़ा माइलस्टोन बन चुका है और वर्ष 2025 में पर्यटन क्षेत्र में रिकॉर्ड निवेश दर्ज किया गया है।
सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में श्रीराम वन गमन पथ के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिसके तहत राम से जुड़े कम ज्ञात स्थलों की पहचान के लिए विशेषज्ञों की टीम कार्यरत है और अब तक 11 जिलों के 25 स्थल इस पथ से जुड़ चुके हैं, वहीं मंडला और बालाघाट क्षेत्र के नए स्थलों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है।
पंचायत प्रतिनिधियों से श्रीराम से जुड़े स्थलों की जानकारी एकत्र कर उन्हें राम वन गमन पथ में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि चित्रकूट और ओरछा जैसे प्रमुख स्थलों के विकास के लिए कुल 2200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री के संकल्पित प्रयासों से चित्रकूट को अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, जहां भगवान राम के जीवन से जुड़े स्थलों का समग्र विकास हो रहा है, घाटों का जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण, परिक्रमा पथ, कामदगिरि पर्वत से जुड़े कार्य और भूमि अधिग्रहण जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट आगे बढ़ रहे हैं, साथ ही मेडिकल टूरिज्म और हेल्थ वेलनेस सेंटर को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
ओरछा में 125 करोड़ रुपये की श्री रामराजा लोक परियोजना के दूसरे चरण का शिलान्यास हो चुका है, जिससे धार्मिक पर्यटन को मजबूती मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
प्रदेश सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर निवेश और सुविधाओं के रास्ते खोले हैं, हेलिकॉप्टर सेवा से धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ा जा रहा है, स्वदेश दर्शन योजना के तहत परियोजनाएं चलाई जा रही हैं और मेलों में रामकथा प्रदर्शनी व सीएसआर फंड के उपयोग से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा दी जा रही है।
मां नर्मदा परिक्रमा को प्रोत्साहन देने और परिक्रमा पथ में सुविधाओं के विकास के लिए सरकार लगातार संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है और उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पुत्र और पुत्रवधू ने विवाह के बाद स्वयं नर्मदा परिक्रमा कर समाज में एक नई मिसाल भी कायम की है।

