लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को लखनऊ स्थित भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने संस्थान की सौ वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर आधारित कॉफी टेबल बुक ‘ए लेगेसी ऑफ एक्सीलेंस’ का विमोचन किया।
शताब्दी समारोह में प्रदर्शनी और विशिष्ट सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने विश्वविद्यालय में आयोजित विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, साथ ही डाक विभाग द्वारा तैयार विशेष आवरण और विरूपण का विमोचन किया और संस्थान के लिए उत्कृष्ट योगदान देने वाले पूर्व विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
पीढ़ी दर पीढ़ी संस्कृति को मिली नई पहचान
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय ने पीढ़ी दर पीढ़ी भारत की सांस्कृतिक चेतना को, उसके स्वर, लय और संस्कारों को एक नई पहचान दी है और यह संस्थान भारतीय संगीत और सांस्कृतिक परंपरा का मजबूत स्तंभ बनकर खड़ा है।
पंडित भातखण्डे के प्रयासों को बताया ऐतिहासिक
सीएम योगी ने कहा कि पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे द्वारा भारतीय संस्कृति को आत्मसम्मान, आत्मगौरव और स्थायित्व देने का ऐतिहासिक प्रयास उस दौर में शुरू हुआ था, जिसका आधार भातखण्डे संस्कृति संस्थान बना।
गुरु-शिष्य परंपरा और आधुनिक शिक्षा का संगम
उन्होंने कहा कि पंडित भातखण्डे ने राग और ताल के वर्गीकरण के साथ गुरु-शिष्य परंपरा को आधुनिक शिक्षा पद्धति से जोड़ने का अभिनव प्रयोग किया, जो केवल एक शैक्षणिक प्रयास नहीं था बल्कि भारतीय संस्कृति को आत्मसम्मान, आत्मगौरव और स्थायित्व प्रदान करने की ऐतिहासिक पहल थी।

