लखनऊ. 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित अपने आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित अधिकारी व कर्मचारियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प के अनुरूप आज हर भारतवासी के गौरव, देश की एकता और अखंडता को मजबूत करते हुए नए भारत का दर्शन कर रहा है, जिसमें हमारे संविधान की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 1947 में देश आजाद हुआ, उससे पहले ही संविधान सभा का गठन हो चुका था और डॉ. राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में 26 नवंबर 1949 को भारत ने अपने संविधान को अंगीकार किया। उन्होंने कहा कि हर भारतवासी का दायित्व है कि वह संविधान के प्रति श्रद्धा और विश्वास के साथ कार्य करे, क्योंकि अगर संविधान का असली संरक्षक कोई है तो वह भारत का नागरिक है। हर संस्था, हर मंत्रालय और हर नागरिक को अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी संविधान की मूल भावनाओं का अपमान होता है, तो वास्तव में हम उन महान सपूतों का अनादर करते हैं जिनके बलिदान से देश आजाद हुआ। इसलिए हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह पूरी श्रद्धा और समर्पण भाव से अपने दायित्व निभाए। संविधान हमारे लिए एक पवित्र दस्तावेज है और विकसित भारत का संकल्प हर भारतीय के लिए गर्व का विषय होना चाहिए।
सीएम योगी ने आगे कहा कि समृद्ध भारत की यात्रा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति से शुरू होती है। यह यात्रा हमारे गांवों, हमारी गलियों और सबसे कमजोर वर्ग के सशक्तिकरण से आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि संविधान के माध्यम से राष्ट्र प्रथम की भावना को आत्मसात करने वाले सभी राष्ट्र नायकों को सम्मान देना ही हमारे वर्तमान संकल्पों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का मार्ग है।

