वाराणसी. मणिकर्णिका घाट में चल रहे ध्वस्तीकरण और निर्माण कार्य को लेकर इन दिनों विवाद गहराता जा रहा है और सोशल मीडिया से लेकर काशीवासियों के बीच यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेसवार्ता कर विरोधियों पर तीखा हमला बोला और कहा कि कुछ लोग जानबूझकर भारत की गौरवशाली विरासत और पवित्र काशी को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा AI जनरेटेड वीडियो बनाकर मंदिर तोड़े जाने का झूठा दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि मणिकर्णिका घाट के सभी मंदिर अपने स्थान पर सुरक्षित मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि दालमंडी में चल रहे विकास कार्यों को बाधित करने और देश को गुमराह करने के लिए इस तरह के फर्जी वीडियो फैलाए जा रहे हैं और काशी को बदनाम करने की इस साजिश का पर्दाफाश होना चाहिए।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरुआत से ही यह स्पष्ट किया है कि काशी की पुरातन विरासत को संरक्षित रखते हुए उसे नए स्वरूप में देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए। काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद से अब तक काशी ने देश की जीडीपी में करीब एक लाख तीस हजार करोड़ रुपये का योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2014 से पहले काशी में गंगाजल न आचमन योग्य था और न ही स्नान के लायक, लेकिन आज लोग न सिर्फ आचमन कर रहे हैं बल्कि श्रद्धा के साथ स्नान भी कर पा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि जगद्गुरु आदि शंकराचार्य और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमाओं को काशी विश्वनाथ धाम में सम्मान और स्थान मिलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव हो सका है।

