रायसेन। रायसेन जिले में एक युवक को डीएफओ के खिलाफ सागौन के पेड़ों की कटाई की शिकायत करना महंगा पड़ गया। आरोप है कि शिकायत करने वाले युवक के साथ मारपीट की गई और उसे झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवा दिया गया। मामले में मुख्य वन संरक्षक क्षितिज कुमार ने कहा है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक ग्राम खेरी, तहसील सिलवानी निवासी आजाद खान ने वन विभाग के अधिकारियों पर लकड़ी माफिया से मिलीभगत कर करोड़ों रुपए के सागौन के पेड़ कटवाने का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद ही आजाद खान को आरोपी बनाते हुए उसकी कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई की गई और उसे जेल भेज दिया गया।
बताया जा रहा है कि सिलवानी क्षेत्र के खमरिया, चौका और जमुनिया बीट में सैकड़ों सागौन के पेड़ काटे गए, जिसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई गई थी। मीडिया द्वारा जब डीएफओ प्रतिभा शुक्ला से पक्ष जानने की कोशिश की गई तो पहले उन्होंने नाराजगी जताई और बाद में जांच दल गठित करने की बात कही। लेकिन कुछ ही समय बाद वन विभाग ने शिकायतकर्ता को ही मुख्य आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि वनकर्मी उनके सूने घर में घुसकर कागजात ले गए और धमकियां दी गईं। वहीं यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि अवैध उत्खनन, परिवहन और जंगल कटाई के मामलों में शिकायत करने वालों को दबाव में लेने की कोशिश की जाती है। फिलहाल मामले ने तूल पकड़ लिया है और सभी की नजर अब निष्पक्ष जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

