इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में एक तरफ दूषित पानी से लोगों की जान जा रही है, तो दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि सवाल और शिकायतें सुनने को तैयार नहीं हैं। कहीं सवाल पूछने पर ‘घंटा’ जैसे शब्द सुनने को मिलते हैं, तो कहीं माइक धक्का देकर सवालों से बचा जाता है। देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा लगाए इंदौर में अब हालात ऐसे हो गए हैं कि जनप्रतिनिधि को समस्या बताना भी लोगों के लिए गुनाह बनता जा रहा है।
ताजा मामला मल्हारगंज क्षेत्र का है, जहां महिला पार्षद संध्या यादव पर रहवासियों के खिलाफ FIR दर्ज करवाने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्षद क्षेत्र में समस्याएं जानने पहुंची थीं, इसी दौरान रहवासियों ने उन्हें इलाके में फैली गंदगी दिखाई और अपना विरोध जताया। आरोप है कि गंदगी दिखाना और सवाल उठाना पार्षद को नागवार गुजरा और इसी नाराजगी में उन्होंने थाने में शिकायत कर लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करवा दी।
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस इलाके में लोगों को ढूंढ-ढूंढ कर थाने ले जा रही है। इस कार्रवाई से आक्रोशित क्षेत्र के निवासी सोमवार को थाने के बाहर जमा हुए और जमकर हंगामा किया। रहवासियों का कहना है कि अगर जनप्रतिनिधि को अपने इलाके की समस्या बताना ही अपराध है, तो वे खुद को गुनहगार मानने को तैयार हैं।

