भोपाल। मध्यप्रदेश में टेंडर प्रक्रिया को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के पूर्व मंत्री और मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने प्रेसवार्ता कर जल संसाधन विभाग में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग में ‘परसेंटेज राज’ और फिक्स टेंडर मॉडल की चर्चा जोरों पर है। दावा किया गया कि पिछले डेढ़ साल से बड़े टेंडर जारी नहीं किए गए हैं और कई महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाएं ठप पड़ी हुई हैं। मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि किसानों के नाम पर कमीशनखोरी का खेल चल रहा है और कांग्रेस ने इस संबंध में दस्तावेजों का अध्ययन भी किया है।
प्रेसवार्ता में उन्होंने BOQ कम्पेरेटिव चार्ट में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए 300 करोड़ रुपए से अधिक के टेंडरों पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि बड़े टेंडरों में पहले से ही प्रतिशत तय कर लिया जाता है और एक प्रभावशाली बिचौलिया तंत्र सक्रिय है। विभागीय और उच्च स्तर पर कमीशन की चर्चा होने का भी आरोप लगाया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कथित हिसाब पूरा नहीं होता तो टेंडर अटका दिए जाते हैं, और इसी वजह से पिछले डेढ़ साल से टेंडर प्रक्रिया रुकी हुई है तथा नए टेंडर जारी नहीं हो रहे हैं।

