शंकराचार्य महाराज को संगम स्नान से रोके जाने और उनके साथ कथित पुलिसिया दुर्व्यवहार के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी चंदौली ने बुद्धि-शुद्धि यज्ञ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने किया, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर संतों और सनातन परंपरा के अपमान का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध दर्ज कराया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने कहा कि धर्म के नाम पर जनता की भावनाओं को भड़काकर सत्ता में आने वाली भाजपा सरकार आज स्वयं धर्माचार्यों का अपमान कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूज्य शंकराचार्य को संगम स्नान से रोकना केवल एक संत का नहीं बल्कि पूरी सनातन परंपरा का अपमान है, जो सरकार की संकीर्ण सोच और सत्ता के अहंकार को उजागर करता है।
उन्होंने आगे कहा कि कम उम्र के ब्राह्मण बटुकों के साथ कथित दुर्व्यवहार और उनकी शिखा उखाड़ने जैसी घटनाएं बेहद निंदनीय हैं और सनातन संस्कृति के मूल्यों के खिलाफ हैं। इन घटनाओं से देशभर के श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
अरुण द्विवेदी ने दावा किया कि शंकराचार्य के अपमान को लेकर आम जनता में गहरा आक्रोश है और यही जनाक्रोश आने वाले समय में अहंकारी सरकार के पतन का कारण बनेगा। उन्होंने दो टूक कहा कि सत्ता के नशे में चूर इस सरकार को अब शासन में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी संतों, धार्मिक परंपराओं और धार्मिक स्वतंत्रता के सम्मान के पक्ष में हमेशा खड़ी रही है और आगे भी किसी भी तरह के धार्मिक अपमान के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।

