Madhya Pradesh Cough Syrup Case: छिंदवाड़ा में कफ सिरप से मासूम बच्चों की मौत का मामला अब और भी गंभीर होता जा रहा है। इस हादसे ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। जहां एक तरफ डॉक्टर की गिरफ्तारी को लेकर विरोध हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस अब सरकार पर खुलकर हमला बोल रही है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे मामले पर सरकार को घेरते हुए कहा — “कंपनी के मालिक को तो गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन असली दोषी ड्रग कंट्रोलर को क्यों छोड़ दिया गया?”
पटवारी ने साफ कहा कि अगर दवा निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मा के मालिक एस. रंगनाथन दोषी हैं, तो उन्हें मौत की सजा मिलनी चाहिए — लेकिन सिर्फ एक गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ड्रग कंट्रोलर ने इस जहरीली सिरप को पास किया, तो उस पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
उनका तीखा बयान था — “स्वास्थ्य मंत्री उसे बार-बार क्लीन चिट क्यों देते रहे? इसका मतलब साफ है — भ्रष्टाचार हुआ है!”
जीतू पटवारी ने सरकारी रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि सिर्फ एक महीने में इस सिरप की 157 बोतलें बिक चुकी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता का ध्यान भटकाने के लिए हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दे उठाती है, जबकि असली अपराधियों पर कार्रवाई नहीं करती।
उन्होंने मांग की कि ड्रग कंट्रोलर को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया जाए और स्वास्थ्य मंत्री को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार कर इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही कहा कि अगर वे इस्तीफा नहीं देते, तो मुख्यमंत्री को उन्हें बर्खास्त करना चाहिए।
पटवारी के इस बयान के बाद अब प्रदेश की सियासत में फिर हलचल मच गई है — और जनता का सवाल भी वही है —
“आखिर ड्रग कंट्रोलर को क्लीन चिट क्यों दी गई?”

