भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत पहले ही दिन नकल के मामलों के साथ हुई, जहां अंग्रेजी विषय के पेपर में भोपाल जिले से सात छात्र नकल करते हुए पकड़े गए।
इनमें से छह मामले बैरसिया क्षेत्र के एक निजी स्कूल से सामने आए, जबकि एक छात्र भोपाल के एक सरकारी स्कूल केंद्र से पकड़ा गया, जहां छात्रों ने कपड़ों के अंदर पर्चियां छुपाकर परीक्षा हॉल में लाने की कोशिश की थी।
केंद्रीय कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं, जिसके बाद तुरंत फ्लाइंग स्क्वॉड को मौके पर भेजा गया और कार्रवाई करते हुए नकल प्रकरण दर्ज किए गए।
प्रदेशभर में परीक्षा के पहले दिन कुल 13 नकल के मामले सामने आए हैं, जिनमें भोपाल के अलावा अन्य जिलों से भी प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
इस बार नौ जिलों के 226 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जा रही है ताकि परीक्षा की शुचिता बनी रहे।
एमपी बोर्ड ने नकल पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए साफ किया है कि नकल करने वालों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले पर्यवेक्षकों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेशभर में 3 हजार 856 परीक्षा केंद्रों पर करीब सात लाख छात्र 12वीं की परीक्षा दे रहे हैं, जबकि 10वीं और 12वीं को मिलाकर 16 लाख से ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जा रही हैं और नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, जैमर और सीसीटीवी जैसी हाईटेक व्यवस्थाओं को पूरी तरह सक्रिय रखा गया है।
अधिकारियों ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी फर्जी लीक या चिटिंग ऐप के झांसे में न आएं और ईमानदारी से परीक्षा देकर अपने भविष्य को सुरक्षित रखें।

