अलीराजपुर में 171 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात, शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली पर बनेगा भव्य पार्क

भोपाल। मोहन यादव ने आज अलीराजपुर जिले को 171 करोड़ रुपये से अधिक के 49 विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर 79 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से 14 कार्यों का लोकार्पण किया और 119 करोड़ 1 लाख रुपये की लागत के 35 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। साथ ही ग्राम संपर्क मजबूत करने के लिए कई नई सड़कों के निर्माण की घोषणा भी की गई। कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूहों, बैंक ऋण वितरण, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना के हितग्राहियों को लाभ और प्रमाणपत्र वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री ने अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर उनकी जन्मस्थली भाभरा, जिसे आज चंद्रशेखर आजाद नगर के नाम से जाना जाता है, पहुंचकर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आजाद भारत की क्रांति का तेजस्वी स्वर थे और उनका जीवन आज भी युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश का आर्थिक तंत्र मजबूत हुआ है और अलीराजपुर जैसे जनजातीय जिले भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि संस्कृति विभाग के सहयोग से चंद्रशेखर आजाद से जुड़े स्थानों को दर्शनीय बनाया जाएगा और चंद्रशेखर आजाद नगर में उनके नाम से एक भव्य और यादगार पार्क का निर्माण किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके बलिदान और साहस को करीब से महसूस कर सकें।

उन्होंने बताया कि जिले में 1800 करोड़ रुपये की लागत वाली नर्मदा सिंचाई परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे 170 गांवों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और जनजातीय अंचल के किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को किसानों को समर्पित किया है। लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है, वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पात्र किसानों को सालाना 12 हजार रुपये उनके बैंक खातों में दिए जा रहे हैं, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों का अंश शामिल है।

सरकार ने जरूरतमंदों के लिए जिलों में नि:शुल्क शव वाहन की व्यवस्था की है, सड़क हादसों में घायलों को त्वरित इलाज देने के लिए राहवीर योजना शुरू की है और जनजातीय विद्यार्थियों को शासकीय सेवाओं में आगे बढ़ाने के लिए नि:शुल्क कोचिंग योजना भी लागू की है। अलीराजपुर की धरती, जो भील जनजाति की संस्कृति और स्वाभिमान की प्रतीक मानी जाती है, अब विकास की नई इबारत लिखने की ओर अग्रसर है।

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