विदिशा में एक ऐसा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला जिसने पूरे शहर का ध्यान खींच लिया। यहां बीजेपी और कांग्रेस दोनों के पार्षदों ने मिलकर नगर पालिका की अर्थी निकाली और शहर में खुलेआम घोषणा कर दी कि “विदिशा में विकास मर चुका है।” माधवगंज से शुरू हुई यह अर्थी यात्रा लोहा बाजार तक निकली, जिसमें पार्षद कंधे पर अर्थी उठाए आगे बढ़ते दिखे।
इन पार्षदों का आरोप है कि वे पिछले एक महीने से विकास कार्यों को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन न तो नगरपालिका अधिकारी और न ही जनप्रतिनिधि उनकी कोई सुनवाई कर रहे हैं। परेशान और निराश होकर पार्षदों ने यह अनोखा कदम उठाया, ताकि शहर की बदहाल स्थिति लोगों और प्रशासन—दोनों की नजरों में फिर से आए।
पार्षद प्रतिनिधि जमुना कुशवाहा ने साफ कहा कि विदिशा का विकास पूरी तरह मर चुका है। नगर पालिका के कर्मचारी और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि कोई काम नहीं कर रहे हैं, इसलिए मजबूरी में अर्थी निकालकर विरोध करना पड़ा। वहीं पार्षद प्रतिनिधि धर्मेंद्र सक्सेना ने सड़कों की खराब हालत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जनता तक हमारी मांगें पहुंच चुकी हैं और अब यह आवाज उठाना जरूरी हो गया है।
विदिशा की सड़कों से लेकर स्थानीय समस्याओं तक, हर सवाल अब इस अर्थी यात्रा के जरिए बड़े रूप में उठ खड़ा हुआ है — और शहर एक बार फिर विकास की मांग कर रहा है।

