धार भोजशाला विवाद में बड़ा मोड़, जैन समाज की एंट्री से मामला हुआ त्रिकोणीय

इंदौर। मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला विवाद में अब बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है, जहां इंदौर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जैन समाज की याचिका को स्वीकार करते हुए मामले में नया आयाम जोड़ दिया है।

कोर्ट नंबर 2 में हुई सुनवाई के दौरान जैन समाज ने दावा किया कि भोजशाला से उनका भी धार्मिक संबंध है और बिना उनकी बात सुने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जाना चाहिए, जिस पर कोर्ट ने याचिका को रिकॉर्ड पर लेते हुए मध्यप्रदेश सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

यह मामला WRIT PETITION 8986/2026 के तहत दर्ज किया गया था, जिसकी सुनवाई जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता की डिवीजन बेंच ने की, कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि इस याचिका को मुख्य भोजशाला मामले के साथ जोड़ा जाएगा।

हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि 2 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई में जैन समाज की याचिका पर भी मुख्य मामले के साथ सुनवाई होगी, साथ ही अन्य पक्षकारों को भी आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया जाएगा।

अब तक यह विवाद हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच चल रहा था, लेकिन जैन समाज के आधिकारिक रूप से शामिल होने के बाद मामला त्रिकोणीय हो गया है, जिससे इसकी संवेदनशीलता और बढ़ गई है।

कानूनी जानकारों का मानना है कि अगली सुनवाई में ASI की सर्वे रिपोर्ट, सभी पक्षों के दावे और जैन समाज की नई याचिका पर एक साथ बहस हो सकती है, जिससे यह मामला निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ सकता है, अब सभी की नजर 2 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *