ग्वालियर। क्राइम ब्रांच ने 90 वर्षीय रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी को 27 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 2 करोड़ 52 लाख 16 हजार रुपए की ठगी करने वाले गैंग के चार सदस्यों को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में दो म्यूल अकाउंट खुलवाने वाले एजेंट और दो ऐसे लोग शामिल हैं जिनके नाम पर फर्जी फर्म ‘जिग्गा क्रंच एंड स्नैक्स’ रजिस्टर कर करंट अकाउंट खुलवाया गया था। इसी खाते में 30 लाख रुपए से ज्यादा का ट्रांजेक्शन हुआ था। जांच में खुलासा हुआ कि ठगी की रकम पहले पांच अलग-अलग खातों में डाली गई और वहां से देश के 15 राज्यों में 300 से अधिक म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दी गई।
पीड़ित नारायण महादेव टिकेकर शहर की विंडसर हिल्स टाउनशिप में रहते हैं और एयरफोर्स के मेडिकल विभाग से रेडियोलॉजिस्ट पद से रिटायर्ड हैं। 28 जनवरी 2026 को उन्हें व्हाट्सएप कॉल आया, जिसमें ठग ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर कहा कि उनके आधार-पैन से जुड़े सिम का इस्तेमाल फ्रॉड में हुआ है और उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। सीनियर सिटीजन होने की बात कहने पर उन्हें डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया गया। आरबीआई जांच के नाम पर अलग-अलग तारीखों में उनसे पूरी रकम ट्रांसफर करा ली गई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर खातों की ट्रेल खंगालनी शुरू की और नेटवर्क को दिल्ली, नोएडा, वाराणसी और गुंटूर तक जोड़ा। दिल्ली में फर्म के करंट अकाउंट की लोकेशन ट्रेस कर मोहित मिश्रा और साहिल खान को पकड़ा गया। पूछताछ में सामने आया कि राहुल प्रजापति और हरीश रावत के कहने पर फर्म खोलकर खाता संचालित किया गया था और रकम के बदले 2.5 लाख रुपए कमीशन मिला। बैंक वेरिफिकेशन के एक महीने बाद फर्म बंद कर दी गई थी।
इसके बाद पुलिस ने दोनों एजेंट राहुल प्रजापति और हरीश रावत को भी दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। मोहित मिश्रा का इंडसइंड बैंक खाता 1.5 लाख रुपए में खरीदा गया था और इसी खाते में ठगी की रकम में से 30 लाख रुपए जमा हुए थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने कई लोगों से बैंक अकाउंट खरीदकर साइबर ठगों तक पहुंचाए हैं। एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है और पूछताछ में बड़े खुलासों की संभावना है।

