भोपाल। मध्यप्रदेश में अलग-अलग जगहों पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाएं तोड़े जाने की घटनाओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए पूछा है कि क्या ये घटनाएं सुनियोजित हैं और इन्हें अंजाम देने वाले लोग कौन हैं। उन्होंने कहा कि क्या ये वही लोग हैं जो बाबा साहेब की विचारधारा के खिलाफ हैं और भारतीय संविधान को नहीं मानते। दिग्विजय सिंह ने मांग की है कि इन घटनाओं की गहराई से जांच पुलिस को करनी चाहिए।
दिग्विजय सिंह ने अपने पोस्ट में सागर जिले में लगातार हो रही प्रतिमा तोड़ने की घटनाओं का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि सागर जिले में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को बार-बार नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने बताया कि 27 और 28 दिसंबर की दरमियानी रात सागर जिले के मालथौन विकासखंड के ग्राम मड़ैया माफी में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ा गया। इससे पहले 4 अक्टूबर 2025 को खुरई विधानसभा क्षेत्र की नगर परिषद बांदरी में बाबा साहेब की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया, जिसमें हाथ की उंगली तोड़ दी गई थी। दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी उसी स्थान पर प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया जा चुका है।
उन्होंने आगे बताया कि 25 सितंबर 2025 को सुरखी विधानसभा के थाना जैसीनगर अंतर्गत ग्राम करहद में भी डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया था। इसके अलावा 17 अगस्त 2025 को सानौधा थाना क्षेत्र के गिरवर स्टेशन के पास रंगोली कॉलोनी में स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा के पंजे को तोड़ने की घटना सामने आई थी।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि लगातार बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाओं को निशाना बनाया जाना गंभीर साजिश की ओर इशारा करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं और इसके पीछे कौन लोग हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सामने लाया जाए।

