ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर संभाग में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत एक बड़ा और चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है, जहां जिंदा लोगों को कागजों में मृत बताकर प्रति व्यक्ति दो लाख रुपये की बीमा राशि निकाल ली गई। इस संगठित फर्जीवाड़े के जरिए शासन को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया है, जिसके बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी EOW ने बड़ा एक्शन लेते हुए मामला दर्ज किया है।
EOW की ग्वालियर इकाई ने ग्वालियर-चंबल अंचल के श्योपुर सहित कई जिलों से जुड़े आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में जनवरी 2020 से दिसंबर 2024 तक की अवधि को शामिल किया गया है। जांच में सामने आया है कि योजना के तहत क्लेम भुगतान करने वाली आठ बीमा कंपनियां भी संदेह के घेरे में हैं। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की श्योपुर शाखा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।
EOW द्वारा इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और बीमा क्लेम से जुड़े सभी मामलों की परत-दर-परत जांच जारी है। इससे पहले भी इसी घोटाले से जुड़े कई मामलों में अपराध दर्ज किए जा चुके हैं। ग्वालियर में पांच मामलों में आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है, जबकि मुरैना जिले में पांच प्रकरणों में अपराध क्रमांक दर्ज हुए हैं। भिण्ड जिले में भी पांच मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है, जिनमें पंचायत सचिव से लेकर बैंक और बीमा से जुड़े लोग शामिल बताए जा रहे हैं।
ईओडब्ल्यू का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस घोटाले से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिंदा लोगों को मृत बताकर सरकारी योजना को लूटने का यह मामला अब प्रदेश के सबसे बड़े बीमा घोटालों में गिना जा रहा है।

