भोपाल। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने SIR अभियान के बाद मतदाता सूची के आंकड़े पेश किए, जिसमें दावा किया गया कि करीब 42 लाख वोटरों के नाम सूची से हटाए गए हैं, लेकिन भोपाल में जिला निर्वाचन कार्यालय से मिली सूचियों की पड़ताल ने इस शुद्धिकरण अभियान की हकीकत उजागर कर दी है। जांच में सामने आया है कि मतदाता सूची में कई ऐसे नाम जोड़े गए हैं, जो अब इस दुनिया में ही नहीं हैं।
राजधानी भोपाल में शून्य यानी 0 पते पर एक नहीं बल्कि 10-10 लोगों के नाम दर्ज पाए गए हैं। इससे भी ज्यादा हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों को पुलिस बीते चार साल से गुमशुदा मानकर तलाश कर रही है, उनके नाम भी SIR के बाद जारी नई मतदाता सूची में शामिल कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं, एक ही फोटो पर तीन-तीन मतदाताओं के नाम दर्ज होने जैसे गंभीर मामले भी सामने आए हैं।
ये तमाम गड़बड़ियां दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में उजागर हुई हैं। इसके बाद कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर अनियमितताओं की आशंका जताई है। मतदाता सूची की जांच कर रहे कांग्रेस प्रदेश महासचिव अमित शर्मा का दावा है कि अगर सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र में हजारों गड़बड़ियां मिल रही हैं, तो पूरे प्रदेश में यह आंकड़ा लाखों तक पहुंच सकता है।

